पूर्व तृणमूल विधायक सनत डे गिरफ्तार, 2021 के चुनाव बाद वसूली और हिंसा के आरोप
पश्चिम बंगाल में नयाहाटी के पूर्व तृणमूल विधायक सनत डे को कथित वसूली, जमीन कब्जाने और 2021 चुनाव बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में नयाहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक सनत डे को शनिवार को कथित वसूली और चुनाव बाद हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, काफी तलाश के बाद उन्हें उत्तर 24 परगना के दत्तपुकुर इलाके स्थित एक घर से पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि सनत डे पर 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद वसूली, जमीन पर कब्जा करने और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक नयाहाटी थाने पहुंचे और उन्हें ले जा रहे वाहन के सामने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। पुलिस अब उन्हें बैरकपुर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
सनत डे लंबे समय से कई आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। वसूली और जमीन कब्जाने के आरोपों के अलावा उनका नाम 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से भी जोड़ा गया है। स्थानीय लोगों ने पहले आरोप लगाया था कि नयाहाटी क्षेत्र में उनका प्रभाव डर और धमकी पर आधारित था तथा चुनाव परिणाम से पहले भी लोगों को धमकाया गया था।
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इस वर्ष जून में भी सनत डे को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। एक स्थानीय पार्टी कार्यालय की ओर जाते समय लोगों ने उन पर अंडे फेंके और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए थे। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उनके घर और दवा की दुकान पर छापेमारी की थी, लेकिन उस समय वह वहां नहीं मिले थे। बाद में दत्तपुकुर से उनकी गिरफ्तारी हुई।
सनत डे ने 2024 में नयाहाटी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। यह सीट पूर्व राज्य मंत्री पार्थ भौमिक के बैरकपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में जीत के बाद सनत डे विधायक बने थे।
हालिया विधानसभा चुनाव में सनत डे को भाजपा उम्मीदवार सुमित्र चटर्जी ने 10 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार के सत्ता से बाहर होने और भाजपा के सत्ता में आने के बाद आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे कई तृणमूल नेताओं के खिलाफ स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिली। सनत डे भी ऐसे नेताओं में शामिल रहे, जिन्हें सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा।
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