फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और अंग्रेजी कोर्स की घोषणा की
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और अंग्रेजी कोर्स की पेशकश की। AIIMS में AI-चालित स्वास्थ्य नवाचार केंद्र की शुरुआत की।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने 18 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान भारतीय छात्रों को फ्रांस में आकर्षित करने के लिए बड़े सुधारों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस की शीर्ष विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और उनका लक्ष्य 2030 तक भारतीय छात्रों की संख्या को 10,000 से बढ़ाकर 30,000 करना है। यह कदम भारतीय छात्रों को फ्रांस की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए उठाया गया है।
इससे पहले, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भारत-फ्रांस AI स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र चिकित्सा देखभाल को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत और फ्रांस के शोध एवं नवाचार को एकजुट करेगा।
इमैनुएल मैक्रोन ने यह भी बताया कि फ्रांस अब भारतीय छात्रों के लिए अंग्रेजी में पढ़ाए जाने वाले कोर्स पेश करेगा, जिससे भाषा की बाधाएं समाप्त हो जाएंगी और भारतीय छात्र आसानी से फ्रांस में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम आपकी उम्मीदों के अनुरूप प्रक्रिया को सरल बनाएंगे और छात्रों के लिए बेहतर सपोर्ट नेटवर्क तैयार करेंगे।
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इसी संदर्भ में, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट की भी सराहना की, जो नैतिक AI के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
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