मानकों पर खरा नहीं: एवरेस्ट और लालजी गोधू को हींग पाउडर बेचने पर FSSAI ने लगाई रोक
एफएसएसएआई ने मानकों पर खरे नहीं उतरने और गलत लेबलिंग के कारण एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स तथा लालजी गोधू को हींग पाउडर बेचने से रोक दिया।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शनिवार को एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य नियामक ने दोनों कंपनियों के हींग पाउडर को मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद उनकी बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
एफएसएसएआई ने बताया कि एवरेस्ट के कंपाउंडेड हींग पाउडर के विभिन्न उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य प्रयोगशाला में जांच के दौरान कंपाउंडेड हींग के नमूनों को गलत लेबल वाला और मानकों से कम गुणवत्ता वाला पाया गया।
नियामक के मुताबिक, इन उत्पादों में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा शून्य प्रतिशत पाई गई, जबकि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत इसका निर्धारित मानक कम से कम पांच प्रतिशत होना चाहिए।
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इसके अलावा एवरेस्ट के येलो हींग पाउडर और ब्लैक हींग पाउडर के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें अल्कोहलिक एक्सट्रैक्ट क्रमशः 3.29 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत पाया गया।
एफएसएसएआई ने एवरेस्ट से लगातार मानकों से कम गुणवत्ता वाली कंपाउंडेड हींग बेचने की कथित अनियमितता को सुधारने के लिए कार्ययोजना मांगी है। कंपनी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लाइसेंस के अनुरूप मानक उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियमों में सुधार नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
वहीं, लालजी गोधू एंड कंपनी के मामले में नियामक ने कंपाउंडेड हींग पाउडर और हींग के अन्य रूपों की बिक्री पर भी रोक लगाई है। जांच में इनके नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और कुछ नमूनों को गलत लेबल वाला तथा घटिया गुणवत्ता का बताया गया।
कंपाउंडेड हींग बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग में भी जरूरत से ज्यादा स्टार्च पाया गया। नियमों के अनुसार हींग में स्टार्च की मात्रा वजन के हिसाब से एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
एफएसएसएआई ने लालजी गोधू से भी सुधारात्मक कार्ययोजना मांगी है और केवल मानकों के अनुरूप उत्पादों का निर्माण तथा बिक्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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