डॉ. रेड्डीज, नेस्ले, अमेजन और फ्लिपकार्ट को नोटिस, भ्रामक स्वास्थ्य दावों पर एफएसएसएआई की कार्रवाई
एफएसएसएआई ने प्रोटीन और मांसपेशियों से जुड़े कथित भ्रामक स्वास्थ्य दावों पर कई कंपनियों को नोटिस भेजे हैं। कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने प्रोटीन और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने से जुड़े कथित भ्रामक स्वास्थ्य दावों के मामले में कई कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस, अमेजन, फ्लिपकार्ट और नेटमेड्स शामिल हैं। नियामक ने कंपनियों से पूछा है कि उनके खिलाफ नियामकीय कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।
एफएसएसएआई ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित उत्पादों की पैकेजिंग पर प्रोटीन की अधिक मात्रा, मांसपेशियों के मजबूत बने रहने, मांसपेशियों की ताकत, रोग प्रतिरोधक क्षमता और ऊर्जा चयापचय में सहायता जैसे दावे किए गए थे।
नियामक का कहना है कि उत्पादों की पैकेजिंग पर इन दावों को जिस तरीके से प्रस्तुत किया गया, उससे उपभोक्ताओं को उत्पादों के वास्तविक स्वास्थ्य लाभों के बारे में भ्रम हो सकता है। इसी कारण कंपनियों से दावों की प्रकृति और उन्हें ग्राहकों के सामने पेश करने के तरीके पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
और पढ़ें: असम में भीषण सड़क हादसा, बीएसएफ के 32 जवान घायल; बस चालक की मौके पर मौत
एफएसएसएआई ने अपने बयान में डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस लिमिटेड, नेक्स इंटरनेशनल और श्रेयश रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गैर-अनुपालन वाले विज्ञापनों, भ्रामक दावों, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री तथा एक्सपायरी या खराब खाद्य उत्पादों की बिक्री से संबंधित कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
प्राधिकरण ने कहा कि वह सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह कदम खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग और पोषण संबंधी दावों की बढ़ती निगरानी के बीच उठाया गया है। कंपनियों को नियामक की चिंताओं पर जवाब देना होगा। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।