×
 
☰

तिरुमाला में गरुड़ सेवा के दौरान उमड़ा भक्तों का सैलाब, श्रद्धा में डूबे श्रद्धालु

तिरुमाला में वार्षिक ब्रह्मोत्सवम के पांचवें दिन गरुड़ सेवा के दौरान हल्की बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर परिक्रमा मार्गों और दीर्घाओं में डेरा डाला।

तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के वार्षिक ब्रह्मोत्सवम के पांचवें दिन आयोजित गरुड़ सेवा के दौरान भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हल्की-हल्की बारिश के बीच भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करने वाले रास्तों और दीर्घाओं में सुबह से ही डटे रहे, ताकि उन्हें भगवान की पालकी यात्रा के दिव्य दर्शन हो सकें।

गरुड़ सेवा को ब्रह्मोत्सवम के सबसे महत्वपूर्ण और भव्य आयोजनों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को गरुड़ वाहनम पर विराजमान कर मंदिर परिसर के चारों ओर शोभायात्रा निकाली जाती है। गरुड़ को भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है, और इस वाहनम पर स्वामी के दर्शन को अत्यंत शुभ और दुर्लभ अवसर माना जाता है।

मौसम की अनिश्चितता के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश की फुहारों के बीच भी भक्त अपने स्थान पर डटे रहे और भगवान की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। मंदिर परिसर के आसपास की गलियों और मुख्य मार्गों पर भी भारी भीड़ देखी गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।

और पढ़ें: बेलगावी में सड़क हादसे में भाजपा नेता गंभीर रूप से घायल

शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, वेद मंत्रोच्चार और भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसमें दर्शन के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम शामिल थे, ताकि इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सकें।

तिरुमाला का ब्रह्मोत्सवम हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन अलग-अलग वाहनम पर भगवान की शोभायात्रा निकाली जाती है, जिनमें पेड्डा शेषवाहनम, हंस वाहनम, सिंह वाहनम और गरुड़ वाहनम जैसे विशेष आयोजन शामिल होते हैं। इनमें गरुड़ सेवा को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है, और इस दिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अन्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होती है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि गरुड़ वाहनम पर स्वामी के दर्शन करना उनके लिए जीवन का सबसे पवित्र अनुभव है और इसके लिए वे दूर-दराज से यात्रा करके तिरुमाला पहुंचे हैं। बारिश के बावजूद भक्तों का धैर्य और समर्पण इस आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और भी बढ़ाता दिखा। मंदिर परिसर में इस दौरान सुरक्षा बलों की भी भारी तैनाती रही, जिन्होंने भीड़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

और पढ़ें: ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share