मणिपुर में राजस्थान की स्कूल टीम को कथित तौर पर बंदूक की नोक पर रोके जाने की खबर पर गहलोत ने चिंता जताई
अशोक गहलोत ने मणिपुर में राजस्थान की स्कूल टीम को बंदूक की नोक पर रोके जाने की खबरों पर चिंता जताई और जांच व खिलाड़ियों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मणिपुर में राष्ट्रीय स्कूल खेलों में भाग लेने गई राजस्थान की एक राज्य स्तरीय टीम के साथ कथित रूप से बंदूक की नोक पर बंधक बनाए जाने और लूटपाट की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को जारी एक बयान में उन्होंने इस घटना को “अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक” बताया।
अशोक गहलोत ने कहा कि इसमें बच्चों और उनके परिजनों की परेशानी और भय साफ तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की घटना बेहद गंभीर होती है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। गहलोत ने सवाल उठाया कि इस गंभीर मामले में राजस्थान सरकार और खेल विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में राजस्थान से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली खेल टीमों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मणिपुर की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि यह राज्य लगभग दो वर्षों से हिंसा और अशांति का सामना कर रहा है और वर्तमान में वहां राष्ट्रपति शासन लागू है। ऐसे में कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार इस संवेदनशील स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।
गहलोत ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले बच्चों और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि मणिपुर में हालात को सामान्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि वहां आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भाग लेने वाले प्रतिभागी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।