गोवा बनेगा सतत वास्तुकला की लिविंग लैबोरेटरी, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का ऐलान
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य को सतत वास्तुकला की ‘लिविंग लैबोरेटरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पर्यावरण-अनुकूल निर्माण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को घोषणा की कि गोवा को देश की पहली ‘लिविंग लैबोरेटरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सतत (सस्टेनेबल) वास्तुकला और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल भविष्य के शहरी विकास और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे में राज्य को सतत विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल के तहत ऐसी निर्माण तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो ऊर्जा की बचत करें, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालें।
उन्होंने कहा कि ‘लिविंग लैबोरेटरी’ की अवधारणा के तहत गोवा में आधुनिक तकनीक, स्थानीय निर्माण परंपराओं और हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग) मानकों को एक साथ अपनाया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भवन निर्माण क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान के नए अवसर भी पैदा होंगे।
और पढ़ें: कराची के लियारी में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर ताबड़तोड़ फायरिंग, हालत गंभीर
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों, वास्तुकारों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेगी। इससे गोवा देशभर के वास्तु विशेषज्ञों, छात्रों और नीति निर्माताओं के लिए एक अध्ययन और प्रयोग का केंद्र बन सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते शहरीकरण के दौर में सतत वास्तुकला की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गोवा की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि विकास परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, वर्षा जल संचयन, नवीकरणीय ऊर्जा और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दी जाए। इससे गोवा को हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में नई पहचान मिलेगी।
और पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला के तलाक को दी मंजूरी, आपसी सहमति से सुलझा विवाद