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उमंग और डिजिलॉकर के जरिए डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं का सरकार ने किया विस्तार

सरकार ने उमंग और डिजिलॉकर पर हजारों सरकारी सेवाएं और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क का भी विस्तार किया गया।

केंद्र सरकार ने उमंग और डिजिलॉकर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों तक सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों की ऑनलाइन पहुंच का विस्तार किया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने  राज्यसभा में यह जानकारी दी।

सरकार के अनुसार, 31 जुलाई तक उमंग यानी यूनिफाइड मोबाइल एप्लीकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस प्लेटफॉर्म पर करीब 2,575 सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें केंद्र सरकार की 880 और राज्य सरकारों की 1,695 सेवाएं शामिल हैं।

वहीं, डिजिलॉकर पर 5,437 प्रकार के दस्तावेज और सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें केंद्र सरकार से जुड़ी 661 और राज्य सरकारों की 4,776 सेवाएं शामिल हैं। उमंग के 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और पिछले तीन वर्षों में इसके माध्यम से करीब 798 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए हैं।

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डिजिलॉकर के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 72.43 करोड़ से अधिक है। इसी अवधि में प्लेटफॉर्म पर लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेज एक्सेस लेनदेन दर्ज किए गए।

सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का नेटवर्क भी मजबूत किया है। 30 जून तक ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 सीएससी संचालित थे। इनमें 70,069 केंद्र महिला ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे थे।

सीएससी के माध्यम से सरकारी सेवाओं के अलावा बैंकिंग, वित्तीय, बीमा, पेंशन और उपयोगिता बिल भुगतान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

उमंग और डिजिलॉकर मोबाइल ऐप तथा वेब पोर्टल दोनों के जरिए उपलब्ध हैं। इन प्लेटफॉर्म को आधार, ई-साइन और एपीआई सेतु जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के महत्वपूर्ण घटकों से जोड़ा गया है। इससे कागजरहित और सुगम सेवा वितरण संभव हुआ है।

इन प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित प्रमाणीकरण, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और सहमति आधारित जानकारी साझा करने की सुविधाएं भी हैं। इससे सरकारी कार्यालयों के भौतिक चक्कर और कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।

सरकार प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के जरिए डिजिटल जागरूकता बढ़ा रही है। उमंग और डिजिलॉकर पर कई भारतीय भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध हैं और नागरिकों की सुविधा के लिए इनका लगातार उन्नयन किया जा रहा है।

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