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सरकारी मुफ्त कोचिंग योजना में लक्ष्य से काफी पीछे, 10,500 के मुकाबले सिर्फ 2,790 छात्रों का हुआ नामांकन

संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार की मुफ्त कोचिंग योजना में तीन वर्षों में 10,500 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 2,790 छात्रों का नामांकन हो सका।

केंद्र सरकार की आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने वाली योजना के क्रियान्वयन पर संसदीय समिति ने सवाल उठाए हैं। समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, योजना अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में काफी पीछे रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने तीन वर्षों में 10,500 अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग देने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन इस अवधि में केवल 2,790 छात्रों का ही नामांकन हो सका। यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 26 प्रतिशत है।

संसदीय स्थायी समिति ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा सका। योजना का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है, जो महंगी निजी कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

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मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में सभी छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की थी। यह घोषणा नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध और जवाबदेही की मांग के बीच हुई थी।

हालांकि, प्रस्तावित मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना का विस्तृत रोडमैप अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में संसदीय समिति की रिपोर्ट ने सरकारी कोचिंग योजनाओं की पहुंच और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

समिति के आंकड़े बताते हैं कि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में नामांकन काफी कम रहा। तीन वर्षों में सिर्फ 2,790 छात्रों तक योजना का पहुंच पाना इस बात का संकेत है कि योजना के क्रियान्वयन में कई स्तरों पर चुनौतियां बनी हुई हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सरकार की आगामी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि वह ज्यादा छात्रों तक पहुंचेगी और मौजूदा कमियों को दूर करने में मदद करेगी।

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