फुकेत-दिल्ली उड़ान घटना को लेकर एयर इंडिया के निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन को सरकार ने तलब किया
फुकेत-दिल्ली उड़ान में गंभीर टर्बुलेंस और तकनीकी गड़बड़ियों की घटना को लेकर सरकार ने एयर इंडिया के निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन को तलब किया। जांच जारी है।
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में हुई टर्बुलेंस की घटना को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय ने मंगलवार को एयर इंडिया के निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन को तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, विल्सन ने वरिष्ठ एयरलाइन अधिकारियों के साथ नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठक में टाटा संस के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला तथा एयर इंडिया के उड़ान सुरक्षा प्रमुख दीपक जोशी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद विल्सन ने कहा कि अधिकारियों को जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि आगे की जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्री की ओर से दी जाएगी।
इस घटना की जांच अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के परिशिष्ट 13 के तहत विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो द्वारा की जा रही है। चार अगस्त को एयर इंडिया की उड़ान एआई2379 फुकेत से दिल्ली जा रही थी, तभी उड़ान के दौरान अचानक टर्बुलेंस हुआ। इसके कारण विमान की ऊंचाई कुछ समय के लिए करीब 300 फीट तक कम हो गई। घटना में कई यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मामूली चोटें आई थीं।
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सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान में कई तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं। इनमें ऑटोपायलट का बंद होना शामिल था। सह-पायलट ने मैन्युअल तरीके से विमान पर नियंत्रण हासिल किया, जिसके बाद उड़ान नियंत्रण प्रणाली की ओर से स्टॉल संबंधी चेतावनी भी मिली। कुछ संकेतक स्विच थोड़ी देर के लिए बंद हुए और विमान में कई तकनीकी तथा यांत्रिक गड़बड़ियां सामने आईं। विमान की हाइड्रोलिक प्रणाली से जुड़ी समस्याओं की भी जांच की जा रही है। समस्याओं को संभालने के बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया।
इस बीच विमान के पायलट के मादक पदार्थ जांच में कथित तौर पर असफल होने की खबरों पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मंत्रालय के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसा परिणाम आया था, जिसके बाद पुष्टि के लिए दोबारा जांच कराई गई। पुष्टि वाली जांच के नतीजे अभी प्रतीक्षित हैं।
एयर इंडिया ने कहा कि वह नागर विमानन महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार चालक दल के सदस्यों की नियमित रूप से मादक पदार्थ जांच कराती है। एयरलाइन के मुताबिक, उड़ान के बाद पायलटों की जांच की गई थी, लेकिन उसके नतीजे अभी एयर इंडिया के साथ साझा नहीं किए गए हैं। इसलिए एयरलाइन किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।
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