सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता लाने की तैयारी
केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता बनाने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य अनुचित पोस्ट, निजी विचार और वीडियो साझा करने पर नियंत्रण रखना है।
केंद्र सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता जारी करने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा रील, वीडियो और निजी विचार साझा करने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच यह कदम उठाया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे पर सरकार के उच्चतम स्तर पर विचार-विमर्श किया गया है। प्रस्तावित आचार संहिता का उद्देश्य अधिकारियों को सोशल मीडिया मंचों पर अवांछित या अनुचित विषयों से संबंधित वीडियो और विचार पोस्ट करने से रोकना है। आचार संहिता तैयार होने के बाद इसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू किया जाएगा, चाहे उनका पद या रैंक कुछ भी हो।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नई सोशल मीडिया आचार संहिता कब जारी की जाएगी और इसमें किस तरह के दिशा-निर्देश शामिल किए जाएंगे। सरकार के सामने ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें अधिकारी सोशल मीडिया पर अपने काम और पद का प्रचार करते हुए सामग्री साझा कर रहे हैं। सरकारी सेवकों से इस तरह के आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती है।
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सूत्रों के मुताबिक, सरकार को मौजूदा व्यवस्था में सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियमों की कमी महसूस हुई है। इसी कारण एक अलग आचार संहिता की जरूरत पर विचार किया जा रहा है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब सरकार ने संवेदनशील मामलों से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री हटाने की समयसीमा भी कम की है। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में किए गए संशोधनों के तहत सोशल मीडिया मंचों के लिए गैरकानूनी सामग्री हटाने और शिकायतों के निपटारे की समयसीमा में बदलाव किया गया है।
10 फरवरी को किए गए संशोधनों का उद्देश्य डीपफेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री सहित कृत्रिम रूप से तैयार सूचना से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामकीय ढांचे को मजबूत करना है। छह अगस्त को जारी आधिकारिक बयान में संवेदनशील मामलों में शिकायत मिलने के बाद सामग्री हटाने की समयसीमा 24 घंटे से घटाकर दो घंटे किए जाने की जानकारी दी गई थी।
प्रस्तावित आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर जिम्मेदारियों और सीमाओं को अधिक स्पष्ट किया जा सकेगा।