ग्रेट निकोबार मेगा प्रोजेक्ट: भारत की रणनीतिक द्वीप को वैश्विक समुद्री हब बनाने की योजना
ग्रेट निकोबार परियोजना से भारत एक रणनीतिक समुद्री हब बनाएगा। पोर्ट, एयरपोर्ट और टाउनशिप से व्यापार, सुरक्षा और रोजगार बढ़ेंगे, जबकि पर्यावरण और जनजातीय संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
भारत सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रेट निकोबार द्वीप के व्यापक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसे देश की सबसे बड़ी रणनीतिक और आर्थिक परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य इस द्वीप को एक वैश्विक समुद्री और व्यापारिक हब के रूप में विकसित करना है।
इस मेगा प्रोजेक्ट में चार प्रमुख घटक शामिल हैं—अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (नौसेना नियंत्रण में), आधुनिक टाउनशिप और पावर जनरेशन सुविधा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगी और विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करेगी।
ग्रेट निकोबार द्वीप रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जो सिक्स डिग्री चैनल और मलक्का जलडमरूमध्य के पास है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और कंटेनर शिपिंग का प्रमुख मार्ग है, जिससे इसकी सामरिक अहमियत और बढ़ जाती है। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा, तस्करी और अवैध गतिविधियों की चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।
और पढ़ें: असम में नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जारी की सूची
सरकार का मानना है कि यह परियोजना भारत की समुद्री निगरानी, आपदा राहत, खोज एवं बचाव तथा सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की “महासागर” नीति के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ाना है।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नौसेना के नियंत्रण में बनाया जाएगा और इससे पर्यटन तथा कनेक्टिविटी में सुधार होगा। वहीं, नया अंतरराष्ट्रीय पोर्ट भारत को वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब बनाने में मदद करेगा।
पर्यावरणीय अध्ययन के अनुसार, द्वीप के 81% हिस्से को वन और संरक्षित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। सरकार ने वन्यजीव संरक्षण, प्रवाल भित्ति और मैंग्रोव संरक्षण के लिए 72,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना बनाई है।
साथ ही, इस परियोजना से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
और पढ़ें: TMC बगावत : लगभग 20 सांसदों के एनडीए को समर्थन देने की चर्चा, काकोली घोष दस्तीदार का बड़ा दावा