40 लाख रुपये रिश्वत मामले में फरार जीएसटी अधिकारी ऋषिकेश से गिरफ्तार
सीबीआई ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में फरार सीजीएसटी अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कांथेती को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया। मामले में जांच जारी है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहे राजस्व अधिकारी विनय कुमार कांथेती को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है। कांथेती रायगढ़ के सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त हैं और 2009 बैच के राजस्व अधिकारी हैं।
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, मुंबई ने 26 अगस्त को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रायगढ़ के खांदेश्वर में तैनात सीजीएसटी अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा ने शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़े मामले में कथित तौर पर 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई।
सीबीआई ने 27 अगस्त को जाल बिछाया और कस्टम हाउस एजेंट नरेंद्र राजपूत को सिन्हा की ओर से 40 लाख रुपये स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद कांथेती समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठाणे की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत मांगी थी।
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हालांकि, 28 अगस्त को विशेष अदालत ने सीबीआई की हिरासत की मांग खारिज करते हुए गिरफ्तारियों को अवैध माना और आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद सीबीआई ने इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी।
16 सितंबर को हाई कोर्ट ने विशेष अदालत के आदेश को रद्द करते हुए आरोपियों को दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताए गए थे और उनके परिवार के सदस्यों तथा वकीलों को भी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद सिन्हा और राजपूत को दो दिन की सीबीआई हिरासत में लिया गया और फिर अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कांथेती, हालांकि, हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के बजाय कथित तौर पर फरार था। अब सीबीआई ने उसे ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया है।
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