गुजरात की 108 इमरजेंसी सेवा के 19 साल पूरे, 1.99 करोड़ आपात मामलों में पहुंची मदद; 19.66 लाख से ज्यादा जानें बचाईं
गुजरात की 108 इमरजेंसी सेवा ने 19 साल पूरे कर लिए हैं। सेवा ने करीब 1.99 करोड़ आपात मामलों में मदद पहुंचाई और 19.66 लाख से अधिक जानें बचाने में योगदान दिया।
गुजरात की भरोसेमंद 108 इमरजेंसी सेवा ने अपने 19 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस दौरान सेवा ने राज्यभर में करीब 1.99 करोड़ आपातकालीन मामलों में लोगों तक सहायता पहुंचाई और 19.66 लाख से अधिक लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सेवा गंभीर स्वास्थ्य संकट, दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों के लिए महत्वपूर्ण जीवनरेखा बन चुकी है।
108 सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य स्वास्थ्य आपातकाल की सूचना मिलने पर एंबुलेंस को घटनास्थल तक भेजा जाता है। इसके बाद मरीज को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा देते हुए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है।
पिछले 19 वर्षों में इस सेवा का व्यापक नेटवर्क गुजरात के विभिन्न हिस्सों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मददगार रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में समय पर एंबुलेंस सेवा मिलने से गंभीर मरीजों को उपचार केंद्र तक पहुंचाने में सहायता मिली है।
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गुजरात की एकीकृत 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन ने भी अपने संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस दौरान हेल्पलाइन पर 10 लाख से अधिक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं। 112 सेवा को विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में नागरिकों को एकीकृत सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
108 और 112 जैसी आपात सेवाओं का उद्देश्य संकट के समय नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। 19 वर्षों में 108 सेवा से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि गुजरात में आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए इसका महत्व लगातार बढ़ा है। लाखों लोगों की जान बचाने में इसके योगदान ने इसे राज्य की महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा के रूप में स्थापित किया है।