×
 

गुजरात का सिकल सेल जागरूकता मॉडल बना देशभर के लिए मिसाल, पद्मश्री यज़दी इटालिया ने की प्रशंसा

पद्मश्री यज़दी इटालिया ने गुजरात के सिकल सेल जागरूकता मॉडल को देशभर के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इससे विशेषकर आदिवासी समुदायों में बीमारी की पहचान और उपचार को बढ़ावा मिला है।

पद्मश्री सम्मान से सम्मानित समाजसेवी यज़दी इटालिया ने सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गुजरात द्वारा अपनाए गए मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल अब पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में चलाए गए व्यापक जनजागरूकता अभियान, स्क्रीनिंग कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार ने इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा दी है।

सिकल सेल रोग दुनिया में सबसे आम वंशानुगत रक्त विकारों में से एक माना जाता है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आनुवंशिक रूप से पहुंचती है और रक्त की लाल कोशिकाओं को प्रभावित करती है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं गोल आकार की होती हैं, लेकिन इस रोग से प्रभावित लोगों में ये दरांती (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इसके कारण शरीर में रक्त का प्रवाह बाधित होता है और मरीजों को लगातार दर्द, एनीमिया तथा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

भारत में यह बीमारी विशेष रूप से आदिवासी समुदायों में अधिक पाई जाती है। ऐसे में समय पर पहचान और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यज़दी इटालिया ने कहा कि गुजरात सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य किया है। इसके परिणामस्वरूप अधिक लोगों की जांच हो रही है और रोगियों को समय पर उपचार मिल पा रहा है।

और पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नथवानी की जीत, भाजपा नेताओं ने दी बधाई, NDA के लिए बताया मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम

उन्होंने कहा कि यदि अन्य राज्य भी गुजरात की तरह समन्वित प्रयास करें, तो सिकल सेल रोग के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि जनजागरूकता, नियमित जांच और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं इस बीमारी से निपटने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

और पढ़ें: चंडीगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता, मौली जागरण हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share