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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से गुजरात के टेक्सटाइल निर्यात में 100-150% तक उछाल की उम्मीद

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से गुजरात के टेक्सटाइल, हीरा, फार्मा और केमिकल निर्यात में 100-150% तक वृद्धि की संभावना है। टैरिफ घटने से प्रतिस्पर्धा और रोजगार में बढ़ोतरी होगी।

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते से गुजरात के निर्यात क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, मध्यम अवधि में कुछ प्रमुख क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि 100 से 150 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर लगभग 18 प्रतिशत किए जाने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इससे मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी के नेतृत्व में गुजरात पहले से ही देश का अग्रणी निर्यातक राज्य है। नए समझौते से राज्य के टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, रसायन, फार्मास्यूटिकल, इंजीनियरिंग सामान और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

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आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, टेक्सटाइल सेक्टर को सबसे अधिक फायदा होगा। कम टैरिफ के कारण गुजरात के परिधान और होम टेक्सटाइल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। मध्यम अवधि में निर्यात में 100-150 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है। इससे सूरत, अहमदाबाद और अन्य प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों में उत्पादन बढ़ेगा और अमेरिकी बाजार से नए ऑर्डर मिलने की संभावना है।

सूरत का हीरा उद्योग, जो दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड पॉलिशिंग केंद्र है, भी इस समझौते से लाभान्वित होगा। टैरिफ में कमी से मुनाफे में सुधार होगा और पहले उच्च शुल्क के कारण हुए नुकसान की भरपाई हो सकेगी।

भरूच, वापी और अहमदाबाद के केमिकल और फार्मा क्लस्टर, जिनके निर्यात में पहले 25-30 प्रतिशत तक गिरावट आई थी, अब पुनरुद्धार की ओर बढ़ सकते हैं। कुछ दवाइयों पर शून्य या कम शुल्क लागू होने से अमेरिकी नियंत्रित बाजार में गुजरात की स्थिति और मजबूत होगी।

नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर पैनल निर्माण, को भी गति मिलेगी क्योंकि सोलर उत्पादों का निर्यात अधिक व्यावसायिक रूप से लाभकारी होगा। हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए भी अमेरिकी बाजार में नए अवसर खुलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलेगा।

अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते निर्यात से राज्य में एमएसएमई, फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा, जिससे गुजरात की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

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