गुरु ग्रंथ साहिब सरूप गुमशुदगी मामला: एसआईटी ने एसजीपीसी से मांगे मूल दस्तावेज
गुरु ग्रंथ साहिब सरूप गुमशुदगी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने एसजीपीसी से मूल दस्तावेज मांगे। पुलिस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस ने जांच में सहयोग की बात कही।
पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गुमशुदा सरूपों (स्वरूपों) से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। पंजाब सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) से मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
एसआईटी में शामिल पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरबंस सिंह बैंस ने गुरुवार को जानकारी दी कि जांच टीम ने एसजीपीसी कार्यालय का दौरा किया और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने बताया कि जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
एसआईटी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि गुरु ग्रंथ साहिब के कितने सरूप कथित रूप से गायब हुए हैं और इसके पीछे की परिस्थितियां क्या रही हैं। इसके लिए दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयान महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने एसजीपीसी से उन सभी रिकॉर्डों की मांग की है जिनमें सरूपों के वितरण, भंडारण और स्थानांतरण से जुड़ी जानकारी दर्ज है। जांच टीम का मानना है कि इन दस्तावेजों से मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
इस बीच एसजीपीसी ने भी जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है। समिति का कहना है कि वह सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
यह मामला सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इसी वजह से प्रशासन और जांच एजेंसियां इसे गंभीरता से देख रही हैं।
एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा और सभी तथ्यों का गहन अध्ययन किया जाएगा।
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