ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का दबाव बढ़ा, कांग्रेस कार्यसमिति ने पारित किया प्रस्ताव
कांग्रेस कार्यसमिति ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रोकने की मांग की। भाजपा ने आरोप खारिज किए। सुप्रीम कोर्ट याचिका सुनेगा, जबकि इंडिया गठबंधन 30 सितंबर को बैठक करेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद मंगलवार को और तेज हो गया। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कई प्रस्ताव पारित किए गए। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग दोहराई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और बहु-सदस्यीय संस्था में मतभेद तथा आंतरिक विचार-विमर्श सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया और चुनाव आयोग के निर्णयों का बचाव किया। पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
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मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और देशभर में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिका में चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी।
इस बीच विपक्षी दल 30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक करने जा रहे हैं। बैठक में चुनाव आयोग, एसआईआर और ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।