मतदाता सूची तैयार करने में चुनाव आयोग की पारदर्शिता बेमिसाल: ज्ञानेश कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता बरतता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत करोड़ों मतदाताओं का सत्यापन जारी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में "अभूतपूर्व स्तर की पारदर्शिता" अपनाता है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनाए रखना है।
बुधवार, 5 अगस्त 2026 को आगरा के वाटर वर्क्स चौराहा स्थित अग्रवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अब तक लगभग 70 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा करीब 35 करोड़ मतदाताओं के दस्तावेजों और विवरणों का सत्यापन अभी जारी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत हो सके।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के अधीन लगभग 18 लाख कर्मी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इनमें चुनाव अधिकारी, मतदान कर्मी, सुरक्षा बल, पर्यवेक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते हैं। इतने बड़े स्तर पर मानव संसाधनों के समन्वय के बावजूद आयोग पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराता है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग आधुनिक तकनीक, व्यापक सत्यापन प्रक्रिया और प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से मतदाता सूची को लगातार अद्यतन रखता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि उनके नाम, पते या अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है तो वे समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुधार के लिए आवेदन करें।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी संबंधित एजेंसियों और नागरिकों के सहयोग से मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाया जाएगा, जिससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
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