सिद्धारमैया से हरिप्रसाद की शिष्टाचार भेंट, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से नेतृत्व पर चर्चा से बचने की अपील
कर्नाटक में विधायक हरिप्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा न करने और संगठनात्मक एकता बनाए रखने की अपील की।
कर्नाटक में राजनीतिक चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक बीके हरिप्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर राज्य की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं, लेकिन हरिप्रसाद ने साफ किया कि यह केवल एक शिष्टाचार भेंट थी और इसके पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य या नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी चर्चा नहीं थी।
हरिप्रसाद ने कहा कि उनकी यह मुलाकात पूरी तरह औपचारिक थी। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक शिष्टाचार बुलावा था, इसमें कोई जिज्ञासा या नेतृत्व को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात को अनावश्यक राजनीतिक अर्थ देना गलत है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी अपील की कि वे पार्टी नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह की अटकलों और चर्चाओं से दूर रहें। उनके अनुसार, इस तरह की बातें पार्टी की एकता और अनुशासन को कमजोर कर सकती हैं।
इस बातचीत के दौरान हरिप्रसाद ने राज्य में हाल ही में गैस कीमतों में हुई बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कीमतों में वृद्धि से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, जिस पर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।
इसके अलावा उन्होंने अपने हालिया बयानों को लेकर हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सुधा मूर्ति और नारायण मूर्ति से जुड़े उनके बयान पर आलोचना हुई थी। हरिप्रसाद ने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और इसे राजनीतिक विवाद का रूप दिया गया।
कर्नाटक कांग्रेस में पहले से ही नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में हरिप्रसाद और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की यह मुलाकात सुर्खियों में आ गई, जिसे अब उन्होंने केवल औपचारिक और शिष्टाचार भेंट बताया है।
उनके बयान से यह संकेत मिला है कि फिलहाल पार्टी का ध्यान शासन और संगठनात्मक स्थिरता पर है, न कि नेतृत्व परिवर्तन की किसी चर्चा पर।