हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांटे की टक्कर, कांग्रेस ने बेहद मामूली अंतर से जीती सीट, भाजपा को भी एक सीट
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के संजय भाटिया भी विजयी रहे। मतदान और मतगणना के दौरान भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला।
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा के बाद भारतीय जनता पार्टी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित किए गए। मतदान के बाद मतों की गिनती में करीब साढ़े पांच घंटे की देरी हुई और आखिरकार देर रात लगभग 2 बजे परिणाम सामने आए।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसके कारण मतगणना निर्धारित समय शाम 5 बजे के बजाय देर रात शुरू हो सकी।
चुनाव में भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन दूसरी सीट के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को बेहद मामूली अंतर से हराया। बौद्ध को 28 वोट मिले, जिनका वोट मूल्य 2800 रहा। वहीं भाजपा के संजय भाटिया को 39 वोट और 3900 वोट मूल्य मिला। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 16 वोट मिले, जिनका वोट मूल्य 2733.33 रहा।
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बौद्ध की जीत केवल 0.33 वोट मूल्य के बेहद छोटे अंतर से हुई, जिससे यह हाल के वर्षों के सबसे करीबी राज्यसभा चुनावों में शामिल हो गया।
इस चुनाव में कुल 90 विधायकों में से 83 वोट वैध पाए गए। इंडियन नेशनल लोक दल के दो विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई, जबकि कांग्रेस के चार और भाजपा का एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया।
इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और कांग्रेस पर अपने ही विधायकों पर भरोसा न करने का आरोप लगाया।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि कांग्रेस की सीट पहले से तय थी और यह “वोट चोरी” की कोशिश की हार है।
गौरतलब है कि यह दोनों सीटें भाजपा सांसद किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म होने के कारण खाली होने वाली थीं।