हरियाणा में योग शिक्षा का बड़ा विस्तार: कक्षा 6 से शुरू होगी पढ़ाई, आगे 3 से 9 तक लागू करने की योजना
हरियाणा सरकार ने कक्षा 6 से योग शिक्षा शुरू करने का निर्णय लिया है। अगले सत्र में इसे कक्षा 3 से 9 तक बढ़ाया जाएगा और एचएसएससी-एचपीएससी परीक्षाओं में भी शामिल किया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने राज्य में योग शिक्षा को व्यापक रूप से लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा। इसके बाद अगले सत्र में इसे और विस्तार देते हुए कक्षा 3 से 9 तक लागू करने की योजना है।
सरकार के अनुसार, योग को केवल स्कूल शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे विश्वविद्यालयों और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल किया जाएगा। आने वाले समय में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षाओं में भी योग से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे या इसे एक अनिवार्य विषय के रूप में जोड़ा जाएगा।
हरियाणा के शिक्षा विभाग का मानना है कि योग छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे बच्चों में एकाग्रता, अनुशासन और तनाव प्रबंधन की क्षमता बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य योग को एक जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए युवाओं को प्रेरित करना है।
राज्य सरकार पहले से ही योग और आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा चुकी है। अब इस नए निर्णय से इसे शिक्षा प्रणाली का औपचारिक हिस्सा बना दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जहां योग को इतने व्यापक स्तर पर स्कूल और भर्ती परीक्षाओं में शामिल किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में योग प्रशिक्षकों की भर्ती और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण योग शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस फैसले को शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करेगा।
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