हाशिम मूसा के मददगार नेटवर्क की जांच तेज, मुठभेड़ स्थल के पास दवाइयों और खाने का बैग मिला
बडगाम में हाशिम मूसा की मुठभेड़ के पांच दिन बाद दवाइयों और खाद्य सामग्री वाला बैग मिला। पुलिस स्थानीय मददगारों, ओवरग्राउंड वर्कर्स और आतंकवादी नेटवर्क की जांच कर रही है।
लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा की मौत के पांच दिन बाद बडगाम में मुठभेड़ स्थल के पास दवाइयों और खाद्य सामग्री से भरा बैग मिलने के बाद उसके स्थानीय मददगार नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने यह बैग मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के कावन जंगल क्षेत्र में पालमैदान के पास बरामद किया।
हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी उर्फ मूसा फौजी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर और सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शामिल सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक था। वह 29 सितंबर को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
जांचकर्ताओं का मानना है कि बरामद बैग मूसा के इस्तेमाल के लिए पहुंचाया गया हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामान कहां से आया, इसे जंगल में कब और किसने रखा और इसमें ओवरग्राउंड वर्कर्स या अन्य सहयोगियों की क्या भूमिका थी। बरामदगी के संबंध में खानसाहिब थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
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अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में करीब 35 से 40 विदेशी आतंकवादी अब भी सक्रिय हैं, खासकर पीर पंजाल के जंगलों में। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों को रसद पहुंचाने वाले स्थानीय नेटवर्क का पता लगाने को महत्वपूर्ण मान रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय मददगारों की पहचान होने से जंगलों में छिपे आतंकवादियों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
29-30 सितंबर की रात बडगाम के कावन जंगलों में पालमैदान के पास संयुक्त अभियान चलाया गया था। यह कार्रवाई बडगाम पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने खुफिया जानकारी के आधार पर की। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने हाशिम मूसा को मार गिराया और उसका शव तथा युद्धक उपकरण बरामद किए।
मूसा वर्ष 2022 के आसपास जम्मू-कश्मीर आया था। उसने पीर पंजाल क्षेत्र, खासकर पुंछ-राजौरी पट्टी के ऊंचे जंगलों में लंबे समय तक गतिविधियां संचालित कीं और बाद में कश्मीर घाटी पहुंचा। वह 2022 से सक्रिय लश्कर के चार शीर्ष कमांडरों के समूह का अंतिम जीवित सदस्य बताया गया था।
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