एचडी कुमारस्वामी ने SIR विवाद पर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
एचडी कुमारस्वामी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग के सदस्यों में कथित मतभेदों पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आयोग की संस्थागत जिम्मेदारी है।
केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) नेता एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को चुनाव आयोग से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उसके सदस्यों के बीच कथित मतभेदों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति देश के सामने आनी चाहिए और आयोग को स्वयं इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
कुमारस्वामी ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल या नेता की मांग से जुड़ा नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की संस्थागत जिम्मेदारी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आ रही खबरों और वास्तविक तथ्यों में अंतर हो सकता है, इसलिए आयोग के सदस्यों को देश और मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक महत्वपूर्ण स्वायत्त संवैधानिक संस्था है। यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत तीनों सदस्यों के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद हैं, तो उन्हें इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उनके अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान भी चुनाव आयोग से रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण देने की अपील कर चुके हैं।
विवाद तब बढ़ा जब द इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, आपत्तियां मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने, बहाल करने और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित थीं।
विपक्षी दलों ने इन रिपोर्टों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि SIR सहित आयोग के फैसले सभी सदस्यों की मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग ने आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
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