एचडीएफसी बैंक के शेयर में उछाल, सीईओ शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति से किया इनकार
एचडीएफसी बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन के दोबारा नियुक्ति से हटने के बाद शेयर में करीब तीन प्रतिशत तेजी आई। बैंक अब नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया तेज करेगा।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद बीएसई पर बैंक का शेयर दिन के उच्चतम स्तर पर करीब तीन प्रतिशत चढ़ गया।
एचडीएफसी बैंक ने नियामकीय सूचना में बताया कि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। 61 वर्षीय जगदीशन बैंक में करीब तीन दशक बिताने के बाद सेवानिवृत्त होंगे। सोमवार को शेयर 721.60 रुपये पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 720 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान शेयर बढ़कर 739.50 रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 19.50 रुपये यानी करीब 2.70 प्रतिशत की बढ़त है। बाद में शेयर करीब 730 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 11.25 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि, साल 2026 में अब तक एचडीएफसी बैंक के शेयर में लगभग 27 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
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शेयर में तेजी की वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों और कई ब्रोकरेज कंपनियों का एचडीएफसी बैंक को लेकर रुख सकारात्मक बना हुआ है। जेपी मॉर्गन ने बैंक के शेयर पर ‘ओवरवेट’ रेटिंग देते हुए 990 रुपये का लक्ष्य मूल्य रखा है। बर्नस्टीन ने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ 1,150 रुपये का लक्ष्य दिया है। वहीं कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ‘बाय’ रेटिंग देते हुए 1,050 रुपये का लक्ष्य तय किया है।
2020 में संभाली थी सीईओ की जिम्मेदारी
शशिधर जगदीशन ने अक्टूबर 2020 में एचडीएफसी बैंक के सीईओ का पद संभाला था। वह इस समय अपने दूसरे तीन वर्षीय कार्यकाल में हैं। उन्होंने बैंक के लंबे समय तक प्रमुख रहे आदित्य पुरी का स्थान लिया था।
नियामकीय सूचना के मुताबिक, जगदीशन ने बोर्ड की ओर से उन्हें मनाने के प्रयासों के बावजूद दोबारा प्रबंध निदेशक और सीईओ बनने की इच्छा नहीं जताई। बैंक के बोर्ड ने कहा है कि नए उत्तराधिकारी के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया समय रहते तेज की जाएगी।
बोर्ड ने जगदीशन के नेतृत्व, बैंक की वृद्धि और स्थिरता में उनके योगदान तथा भारत के कॉरपोरेट क्षेत्र में सबसे बड़े विलय में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कराने में उनकी भूमिका की सराहना की।
जगदीशन की पुनर्नियुक्ति को लेकर पहले से ही बाजार में अटकलें थीं। मार्च 2026 में गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद ये अटकलें और तेज हो गई थीं। चक्रवर्ती ने बैंक में नैतिकता और संचालन व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए पद छोड़ा था।
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