कुल्लू में महिला की मौत पर सीएम सुक्खू सख्त, आपराधिक चिकित्सकीय लापरवाही मिली तो किसी को नहीं बख्शेंगे
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू अस्पताल में 23 वर्षीय महिला की मौत मामले में आपराधिक चिकित्सकीय लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में 23 वर्षीय महिला की मौत के मामले में यदि किसी की आपराधिक चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने साथ ही भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और महिला की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की आपराधिक लापरवाही साबित होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में 23 वर्षीय महिला की मौत के बाद सामने आया। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी और विरोध देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सुक्खू ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को केवल इसलिए नहीं बचाया जाएगा क्योंकि वह किसी प्रभावशाली पद पर है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ ही कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
सरकार की ओर से मामले की परिस्थितियों और अस्पताल में महिला को मिली चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की गंभीर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा और मरीजों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
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