हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्नल शेरजंग राष्ट्रीय उद्यान के आसपास इको-सेंसिटिव ज़ोन अधिसूचना रद्द की
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्नल शेरजंग राष्ट्रीय उद्यान के आसपास इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित करने वाली 2022 की केंद्र सरकार की अधिसूचना को प्रक्रियागत खामियों के कारण रद्द कर दिया।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्र सरकार की वर्ष 2022 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें कर्नल शेरजंग राष्ट्रीय उद्यान के आसपास इको-सेंसिटिव ज़ोन (ईएसजेड) घोषित किया गया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस अधिसूचना को जारी करने की प्रक्रिया में आवश्यक कानूनी प्रावधानों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया था। इसी आधार पर इसे अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया गया।
यह मामला पर्यावरण संरक्षण और विकास गतिविधियों के बीच संतुलन से जुड़ा हुआ था। इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित करने का उद्देश्य राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव क्षेत्रों के आसपास निर्माण एवं औद्योगिक गतिविधियों को नियंत्रित करना होता है, ताकि पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा की जा सके।
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हालांकि, अदालत ने पाया कि कर्नल शेरजंग राष्ट्रीय उद्यान के आसपास ईएसजेड घोषित करने के दौरान जरूरी प्रक्रियागत मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे अधिसूचना की वैधता पर सवाल खड़े हो गए।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब संबंधित क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों और नियमों पर पुनर्विचार की संभावना बढ़ गई है। यह निर्णय स्थानीय निवासियों और विकास परियोजनाओं से जुड़े हितधारकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों में नियम बनाते समय पारदर्शिता और वैज्ञानिक आधार का पालन बेहद जरूरी होता है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
फिलहाल, इस फैसले के बाद केंद्र सरकार और संबंधित विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई या संशोधित अधिसूचना पर विचार कर सकते हैं। यह मामला पर्यावरण कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अहमियत को भी उजागर करता है।
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