हिमाचल में 47 दिनों में मानसून से 183 लोगों की मौत, 972 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून के 47 दिनों में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को 972 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 47 दिनों में राज्य में मानसून से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी घटनाओं से राज्य को 972 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मानसून के दौरान कई लोगों की जान भूस्खलन, पहाड़ों और पेड़ों से गिरने, बिजली गिरने, डूबने तथा अन्य मौसम संबंधी घटनाओं में गई है। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और सड़क, बिजली तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
आंकड़ों के मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं से हुई मौतों में 14 लोगों की जान भूस्खलन की घटनाओं में गई। इसके अलावा खड़ी चट्टानों या पेड़ों से गिरने के कारण 27 लोगों की मौत हुई। अन्य मौसम संबंधी घटनाओं में 15 लोगों ने जान गंवाई।
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मानसून के दौरान सांप के काटने से आठ लोगों, बिजली का करंट लगने से आठ लोगों और डूबने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं, अचानक आई बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड में भी एक व्यक्ति की जान गई है।
राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन के सामने राहत और बचाव कार्यों की चुनौती बढ़ा दी है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य में मानसून के अभी जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
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