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हिमंत बिस्वा सरमा की कांग्रेस को चुनौती, बोले- केरल, कर्नाटक और तेलंगाना सरकारें इस्तीफा दें तो बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को बैलेट पेपर चुनाव की चुनौती दी। उन्होंने एसआईआर का समर्थन करते हुए राहुल गांधी पर चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं को लेकर सवाल उठाए।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि केरल, कर्नाटक और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारें इस्तीफा दे दें, तो वह बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों की सरकारें भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए सत्ता में आई हैं।

सरमा ने राहुल गांधी के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने से पहले खुद इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वह भी इसी चुनावी प्रक्रिया के जरिए लोकसभा पहुंचे हैं।

एसआईआर को बताया जरूरी

हिमंत बिस्वा सरमा ने एसआईआर का समर्थन करते हुए कहा कि भारत में जनसांख्यिकीय बदलावों पर नजर रखने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड में अवैध प्रवासन के कारण जनसंख्या संरचना बदलने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने मांग की कि हर पांच साल में एसआईआर कराया जाना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।

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उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। सरमा ने विपक्ष के प्रदर्शन को निराश लोगों का आंदोलन बताया। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान हैं।

ईवीएम चुनावों के बहिष्कार की चुनौती

सरमा ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, मणिपुर और उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भाग नहीं लेने की घोषणा करे, क्योंकि ये चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे और ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस निर्वाचन आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सरमा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं को पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय विरोध प्रदर्शनों के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सीजेपी पर भी साधा निशाना

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कांग्रेस की समान मांगों के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा दिखाई देती है। उन्होंने राहुल गांधी के राम मंदिर नहीं जाने और भगवान शिव को लेकर दिए गए बयानों पर भी टिप्पणी की।

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