हिंदुत्व एजेंडा पर फोकस: मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी ने यूपी चुनाव रणनीति पर की उच्चस्तरीय बैठक
यूपी चुनाव 2027 के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच लखनऊ में बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक में हिंदुत्व एजेंडा पर चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक बंद कमरे में बैठक की। यह बैठक भागवत की दो दिवसीय यात्रा का हिस्सा थी, जो संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़ी हुई थी। बैठक का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, निराला नगर में हुआ, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उत्तर प्रदेश में बार-बार की यात्राएं विशेष महत्व रखती हैं, खासकर जब राज्य अगले वर्ष विधानसभा चुनावों के लिए तैयार है। भागवत ने पहले जनवरी में मथुरा में 10 दिन का प्रवास किया और फरवरी में गोरखपुर में तीन दिन की यात्रा की। वर्तमान यात्रा को भी संघ के शताबदी अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
लखनऊ में मंगलवार को एक कार्यक्रम में भागवत ने हिंदू जनसंख्या में गिरावट, धार्मिक रूपांतरण और घुसपैठियों को निर्वासित करने की जरूरत जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने हिंदू एकता पर भी जोर दिया। बुधवार को उनकी यात्रा का यह दूसरा और अंतिम दिन था।
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सूत्रों के अनुसार, बैठक में 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य बिंदु पूरे राज्य में हिंदुत्व लहर को और अधिक सक्रिय करना था। योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर, राम मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि जैसे मुद्दों पर कई बार बात की है। सूत्रों के अनुसार, इन एजेंडों को एक समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
सूत्रों ने यह भी बताया कि आरएसएस के लगभग 2 लाख कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। ये कार्यकर्ता जनसामान्य से जुड़ेंगे, सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे और लाभार्थियों से संपर्क करेंगे।