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राष्ट्रपति मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर गृह सचिव ने बंगाल मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट

गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघनों की विस्तृत रिपोर्ट 8 मार्च तक देने को कहा, जिसमें दर्जिलिंग संथाल सम्मेलन के स्थल परिवर्तन और व्यवस्थाओं की जांच शामिल है।

दर्जिलिंग में निजी तौर पर आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयोजन स्थल की दूरस्थ और बड़े क्षेत्र में होने पर असंतोष जताया। उनके अनुसार इस वजह से कई स्थानीय समुदाय के सदस्य सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके। इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद गर्मा गया। भाजपा नेताओं ने इसे जानबूझकर अपमान बताया, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे चुनावी सियासी चाल करार दिया।

गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे रविवार (8 मार्च) शाम 5 बजे तक राष्ट्रपति मुर्मू के स्वागत में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघनों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसमें दर्जिलिंग में सम्मेलन स्थल के परिवर्तन और संबंधित व्यवस्थाओं का विवरण शामिल है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने आयोजन स्थल की दूरस्थता और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, "यदि राष्ट्रपति आएं, तो मुख्यमंत्री को आना चाहिए।" उन्होंने भावुक स्वर में यह भी कहा कि वह बंगाल की बेटी हैं और स्थानीय लोगों की भागीदारी में कमी ने उन्हें दुखी किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "शर्मनाक" बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी पर राष्ट्रपति के सम्मान का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे दुर्लभ और पीड़ादायक बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, भूपेंद्र यादव, गिरिराज सिंह और अन्य नेताओं ने भी इसे लोकतंत्र और आदिवासी सशक्तिकरण पर हमला करार दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इसे जानबूझकर अपमान बताया।

टीएमसी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन को खारिज किया और कहा कि यह निजी कार्यक्रम था, जिसमें उनके कार्यालय को आमंत्रण नहीं भेजा गया। सिलिगुड़ी के मेयर गौतम डे ने स्पष्ट किया कि आयोजन स्थल का चयन राष्ट्रपति भवन ने किया था। कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रपति मुर्मू को पहले भी पारंपरिक और धार्मिक आयोजनों से वंचित किए जाने का जिक्र किया।

अब गृह सचिव गोविंद मोहन की रिपोर्ट का इंतजार है, जो दिल्ली और कोलकाता के बीच उत्पन्न तनाव को कम करने में सहायक होगी।

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