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सांप्रदायिक बयान पर हुमायूं कबीर की माफी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर डाला आरोप

निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने हिंदुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि यह बयान उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के दबाव में दिए थे।

जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक और निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार (31 जनवरी, 2026) को मई 2024 में हिंदुओं के खिलाफ दिए गए अपने सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। हुमायूं कबीर ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ये बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कहने पर दिए थे।

हुमायूं कबीर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों यूसुफ पठान और अबू ताहेर की जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा था। उनके अनुसार, उसी राजनीतिक दबाव और रणनीति के तहत उन्होंने ऐसे बयान दिए, जिनसे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची।

हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में एक सार्वजनिक रैली के दौरान यह माफी मांगी। इस रैली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के राज्य अध्यक्ष इमरान सोलंकी भी मौजूद थे। इस जनसभा को हुमायूं कबीर की ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि हाल के महीनों में वे अपने बयानों और गतिविधियों के कारण लगातार चर्चा में रहे हैं।

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गौरतलब है कि हुमायूं कबीर उस समय और अधिक विवादों में आ गए थे, जब उन्होंने जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने की अपील की थी। शनिवार को उन्होंने घोषणा की कि इस मस्जिद के निर्माण का काम 11 फरवरी से शुरू किया जाएगा।

निलंबित टीएमसी विधायक ने कहा कि उनका इरादा किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और यदि उनके शब्दों से समाज में तनाव पैदा हुआ है, तो इसके लिए वे खेद प्रकट करते हैं। उन्होंने साथ ही यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में वे अपनी राजनीति को एक नए रास्ते पर ले जाने की कोशिश करेंगे।

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