हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार फिर अटके, नए मूल्यांकन से योजना दोबारा शुरू
हैदराबाद मेट्रो विस्तार योजना एक बार फिर अटक गई है। केंद्र और तेलंगाना सरकार ने एसबीआई कैप्स से नया मूल्यांकन कराने का फैसला किया है, जिससे परियोजना फिर शुरुआती चरण में पहुंच गई है।
हैदराबाद मेट्रो रेल (एचएमआर) के विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार एक बार फिर और बढ़ गया है। अब केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार ने परियोजना की पूरी समीक्षा कराने का निर्णय लिया है, जिसके तहत एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (एसबीआई कैप्स) को चरण-1 का नया मूल्यांकन करने और चरण-2 के विस्तार प्रस्ताव की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रस्तावित चरण-2 में मेट्रो नेटवर्क को लगभग 122 किलोमीटर तक बढ़ाने और सात नए कॉरिडोर विकसित करने की योजना शामिल है। लेकिन इस नए फैसले के बाद परियोजना फिर से शुरुआती स्थिति में लौटती नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा मुद्दा भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) से मिलने वाले 13,527 करोड़ रुपये के लंबित ऋण का है, जिसे लेकर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। राज्य सरकार के साथ पिछले महीने समझौता होने के बावजूद यह राशि कब जारी होगी, इस पर कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं की गई है।
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इसके अलावा एसबीआई कैप्स को अपनी रिपोर्ट कब तक सौंपनी है, इस पर भी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं, जिससे परियोजना की गति और अनिश्चित हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार हो रही समीक्षाओं और मंजूरी प्रक्रियाओं में देरी के कारण हैदराबाद मेट्रो का विस्तार समय पर पूरा होना मुश्किल होता जा रहा है। इससे शहर की परिवहन जरूरतों और बढ़ते यातायात दबाव को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।