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पाक-चीन की फाइटर जेट साझेदारी चिंता का कारण, वायुसेना प्रमुख ने जताई चिंता

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने पाक-चीन पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सहयोग को चिंता का कारण बताया। उन्होंने तेजस देरी, राफेल, एएमसीए और वायुसेना आधुनिकीकरण पर भी जानकारी दी।

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पाकिस्तान और चीन के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को लेकर सहयोग पर चिंता जताई है। उन्होंने इसे भारतीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि लड़ाकू विमानों की संख्या में कमी और नए विमानों की आपूर्ति में देरी वायुसेना के लिए चुनौती बन रही है।

94वें वायुसेना दिवस से पहले एपी सिंह ने कहा कि तेजस समेत नए लड़ाकू विमानों को वायुसेना में शामिल करने में हो रही देरी का असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों तक हर साल 36 से 40 लड़ाकू विमानों की जरूरत होगी, ताकि मौजूदा कम होती स्क्वाड्रनों की संख्या को बढ़ाया जा सके।

वायुसेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि स्वदेशी तेजस मार्क-1A और बहु-भूमिका लड़ाकू विमान कार्यक्रम के तहत राफेल विमानों की आपूर्ति से स्थिति में सुधार होगा। भारत ने 114 राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है। फ्रांस के साथ कीमत और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत अंतिम चरण में है। एपी सिंह ने उम्मीद जताई कि योजना के अनुसार चालू वित्त वर्ष में समझौता हो सकता है।

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उन्होंने तेजस मार्क-1A की आपूर्ति में अतिरिक्त देरी पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक वायुसेना को हर साल दो लड़ाकू स्क्वाड्रन के बराबर विमान शामिल करने की जरूरत है। वर्तमान में वायुसेना के पास करीब 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है।

उन्होंने कहा कि अगर स्वदेशी एएमसीए यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम में देरी होती है तो दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। रूस ने एसयू-57 की पेशकश की है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

थिएटर कमांड पर एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस योजना पर चर्चा का रुख बदला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायुसेना थिएटर कमांड के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में वायुसेना को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सक्षम बनाया जाएगा, लेकिन महत्वपूर्ण फैसले इंसान ही लेंगे। ड्रोन के लिए अलग बल बनाने की योजना नहीं है; उन्हें मौजूदा सैन्य ढांचे का हिस्सा बनाकर अन्य हथियार प्रणालियों के साथ इस्तेमाल किया जाएगा।

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