×
 
☰

उदयम अजस्रम: वायुसेना की गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन की सात दशक लंबी गौरवशाली यात्रा

भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान ने नंबर 17 ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन की सात दशक लंबी यात्रा को याद किया, जो ऐतिहासिक उपलब्धियों और हवाई श्रेष्ठता से जुड़ी है।

भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान ने अग्रिम पंक्ति की प्रतिष्ठित इकाई नंबर 17 स्क्वाड्रन की सात दशक लंबी गौरवशाली यात्रा को याद किया। ‘गोल्डन एरोज’ के नाम से प्रसिद्ध यह स्क्वाड्रन भारतीय लड़ाकू विमानन के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

पश्चिमी वायु कमान ने इस अवसर पर स्क्वाड्रन के उन शुरुआती अध्यायों को रेखांकित किया, जिन्होंने भारत की सैन्य विमानन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नंबर 17 स्क्वाड्रन ने अपनी यात्रा के दौरान कई ऐतिहासिक पड़ाव हासिल किए और भारतीय वायुसेना की अग्रिम पंक्ति की परिचालन क्षमताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रही।

‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन को उसकी सामरिक क्षमता और हवाई श्रेष्ठता से जुड़े अभियानों के लिए जाना जाता है। सात दशकों की इस यात्रा में इकाई ने बदलती तकनीक, परिचालन जरूरतों और युद्धक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को विकसित किया।

और पढ़ें: 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील वित्त वर्ष के अंत तक पूरी होने की संभावना, भारतीय हथियारों के एकीकरण पर सहमति

पश्चिमी वायु कमान ने स्क्वाड्रन की विरासत को भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता और पेशेवर उत्कृष्टता की महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया। इसकी यात्रा में शामिल विभिन्न उपलब्धियां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानन के विकास और आधुनिकीकरण की कहानी को भी दर्शाती हैं।

नंबर 17 स्क्वाड्रन की विरासत केवल उसके ऐतिहासिक अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, अनुशासन, प्रशिक्षण और परिचालन प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बनी हुई है। ‘उदयम अजस्रम’ यानी निरंतर आगे बढ़ते रहने की भावना के साथ ‘गोल्डन एरोज’ ने भारतीय वायुसेना की गौरवशाली परंपरा में अपनी विशिष्ट पहचान कायम रखी है।

और पढ़ें: तरंग शक्ति 2026 में गरजेंगे F-35, राफेल और F-16, जोधपुर में होगा IAF का बड़ा युद्धाभ्यास

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share