ICE एजेंटों को क्या सिखाया जाता है: घातक बल का इस्तेमाल और मुकदमों से बचने की ट्रेनिंग का खुलासा
खोजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ICE एजेंटों को घातक बल के तुरंत इस्तेमाल और कानूनी कार्रवाई से बचने की ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।
अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंसी एक बार फिर गंभीर जांच के घेरे में है। खोजी पत्रकार लीला हसन की जांच में ऐसे दस्तावेज सामने आए हैं, जो बताते हैं कि ICE एजेंटों को किस तरह घातक बल के इस्तेमाल और कानूनी कार्रवाई से बचने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब मिनियापोलिस में रेनी निकोल गुड की ICE एजेंट द्वारा गोली मारकर हत्या के बाद एजेंसी पर सवाल उठ रहे हैं।
रेनी गुड की मौत के कुछ ही हफ्तों बाद मिनेसोटा में एक अन्य ICE एजेंट ने एक लैटिनो व्यक्ति के पैर में गोली मारी। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, ये घटनाएं कोई अपवाद नहीं हैं। ICE एजेंटों द्वारा की गई गोलीबारी का इतिहास दिखाता है कि अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना लगभग असंभव रहा है।
लीला हसन की 2024 की जांच में एजेंसी से कानूनी लड़ाई के बाद प्राप्त दस्तावेजों और लॉग्स के आधार पर छह वर्षों की गोलीबारी की घटनाओं का अध्ययन किया गया। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘द ट्रेस’ के अनुसार, ICE एजेंटों ने पिछले और इस साल कम से कम 12 लोगों पर गोली चलाई। 2015 से 2021 के बीच, एजेंटों ने कम से कम 59 बार हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसमें 24 लोग घायल हुए और 23 की मौत हुई।
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चौंकाने वाली बात यह है कि इन मामलों में किसी भी ICE एजेंट पर आपराधिक आरोप तय नहीं हुए, यहां तक कि मौत के मामलों में भी नहीं। एजेंसी के ‘यूज ऑफ फोर्स’ और हथियारों से जुड़ी ट्रेनिंग के दस्तावेजों को संरक्षित कानून प्रवर्तन दस्तावेज माना जाता है और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाता।
जांच में मिले दस्तावेजों के अनुसार, ICE एजेंटों को सिखाया जाता है कि वे खुद को “अनावश्यक जोखिम” में न डालें। एक प्रशिक्षण पाठ में यह भी कहा गया है कि “घातक बल का इस्तेमाल केवल अंतिम विकल्प नहीं है” और एजेंट किसी संभावित खतरे पर भी तुरंत घातक बल का प्रयोग कर सकते हैं। एक प्रशिक्षण प्रश्नोत्तरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घातक बल का उपयोग करने से पहले किसी अन्य चरण का पालन करना जरूरी नहीं है।
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