बाल विवाह मुक्त भारत: 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने के लिए 100-दिवसीय राष्ट्रीय अभियान शुरू
भारत में बाल विवाह समाप्त करने के लिए 100-दिवसीय राष्ट्रीय अभियान शुरू। सरकार, समुदाय और बाल अधिकार संगठनों की संयुक्त पहल से 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 4 दिसंबर को देशभर में बाल विवाह समाप्त करने के लिए 100-दिवसीय राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल है। इस कार्यक्रम में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, समुदाय के प्रतिनिधि, मंत्री, चाइल्ड मैरिज प्रोहिबिशन ऑफिसर्स (CMPOs) और बाल अधिकार संगठनों के सदस्य शामिल हुए। यह लॉन्च ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ पहल के एक वर्ष पूरा होने का भी प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राष्ट्रीय प्रतिज्ञा दिलाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर अन्याय है, जो बच्चों का बचपन, गरिमा और भविष्य छीन लेता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
अभियान 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक चलेगा और तीन चरणों में संचालित होगा:
पहला चरण (27 नवंबर–31 दिसंबर): स्कूलों और कॉलेजों में बहस, निबंध प्रतियोगिता और प्रतिज्ञा कार्यक्रम।
दूसरा चरण (1–31 जनवरी): धार्मिक नेताओं, समुदाय प्रतिनिधियों और विवाह सेवा प्रदाताओं द्वारा जागरूकता।
तीसरा चरण (1 फरवरी–8 मार्च): ग्राम पंचायतें और वार्ड बाल विवाह मुक्त क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित करेंगे।
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The Indian Witness से बात करते हुए बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन रिभु ने कहा कि रोकथाम, सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई—इन तीन स्तरों पर काम करने से बाल विवाह को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश ने असंभव लगने वाली प्रगति हासिल की है।
उन्होंने कहा कि कभी अनुमान लगाया गया था कि भारत को बाल विवाह समाप्त करने में 300 साल लगेंगे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने इतिहास की सबसे बड़ी सामूहिक प्रतिज्ञा का उल्लेख किया, जिसमें 25 करोड़ लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली।
पिछले एक वर्ष में 1 लाख बाल विवाह रोके गए, 6.3 लाख लड़कियों का पुनः नामांकन हुआ, और 36,000 CMPOs सक्रिय हुए।
उन्होंने कहा कि भारत अब एक निर्णायक ‘टिपिंग पॉइंट’ पर है और 2030 से पहले बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य पूरा हो सकता है।
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