धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से लेकर CJI को पत्र तक: इंडिया ब्लॉक की बैठक में 5 बड़े फैसले
इंडिया ब्लॉक की बैठक में CJI को पत्र, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और आर्थिक मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक सहित पांच बड़े फैसले लिए गए। विपक्ष ने लोकतांत्रिक मुद्दे उठाए।
देश की राजधानी नई दिल्ली में सोमवार (8 जून) को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें 25 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक के बाद पांच बड़े निर्णयों की घोषणा की गई।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखा जाएगा। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बताया है।
दूसरा बड़ा फैसला यह था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। विपक्ष का आरोप है कि NEET और CBSE जैसी परीक्षाओं के दौरान छात्रों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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तीसरे निर्णय में विपक्ष ने केंद्र सरकार से अपील की कि देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और कमजोर वर्गों के मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
चौथे फैसले के अनुसार, अब इंडिया ब्लॉक की बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी। अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी, जिसकी तारीख बाद में तय की जाएगी।
पांचवें निर्णय में संसद के मानसून सत्र के दौरान समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी। इसके लिए हर सुबह संसद में विपक्षी दलों की समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और वाम दलों सहित कई प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए। कुछ नेता वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि यह बैठक लोकतांत्रिक मुद्दों और जनता की समस्याओं को लेकर एक साझा रणनीति बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही।