भारत-चीन संबंधों में सुधार हुआ है, सीमा पर तनाव कम होने से रिश्ते सामान्य हो रहे: एस. जयशंकर
एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंध 2024 और 2025 की तुलना में बेहतर हुए हैं। सीमा गतिरोध कम होने से संपर्क और संबंध धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के संबंध पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर लंबे समय से जारी गतिरोध में कमी आने के साथ दोनों देशों के रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
जयशंकर सोमवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में भारत-चीन संबंधों से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि 2025 की स्थिति से तुलना की जाए तो आज दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हैं और 2024 की तुलना में स्थिति और भी अच्छी है।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह कोई बहुत बड़ा संरचनात्मक बदलाव नहीं है। उनके मुताबिक, 2020 में हुई गलवान झड़प और उसके बाद सीमा पर लंबे समय तक चले गतिरोध का भारत-चीन संबंधों पर वास्तविक प्रभाव पड़ा था। सीमा विवाद के दौरान दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क लगभग रुक गए थे। हालांकि, व्यापार जारी रहा, लेकिन आधिकारिक आदान-प्रदान, वीजा जारी करने और दोनों देशों के बीच उड़ानों पर असर पड़ा।
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जयशंकर ने कहा कि जैसे ही सीमा पर स्थिति स्थिर हुई और गतिरोध को सुलझाने की दिशा में प्रगति हुई, दोनों देशों के संबंधों में भी सुधार शुरू होना स्वाभाविक था। हाल के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कई मुलाकातें हुई हैं। सितंबर में शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था।
जयशंकर ने कहा कि भारत लंबे समय से चीन के सामने यह बात रखता रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव और संबंधों में गिरावट किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले विवादों का लाभ तीसरे पक्ष उठा सकते हैं।
अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर भी जयशंकर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दुनिया स्पष्ट रूप से अधिक बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत एक अलग प्रकार के अमेरिका के साथ तालमेल बैठा रहा है और इस तथ्य को भी ध्यान में रख रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच बातचीत जारी है।
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