पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए आज 58 अतिरिक्त उड़ानें संचालित होंगी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए 58 अतिरिक्त उड़ानें चलाने की घोषणा की है। एयरलाइंस वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर रही हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारतीय एयरलाइनों ने 24 उड़ानें संचालित कीं। बुधवार को 58 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने की योजना है।
मंत्रालय के अनुसार, इंडिगो 30 उड़ानें संचालित करेगा, जबकि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 23 उड़ानें चलाएंगे। एयरलाइंस ने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाए हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-सारणी में “संतुलित समायोजन” किए हैं।
यह कदम अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उठाया गया है, जिनमें कथित तौर पर 47 ईरानी नेताओं, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं, की मौत हुई। इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी गई हैं।
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3 मार्च तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण रद्द की गईं। सरकार ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें तैनात की जा रही हैं और विदेशी विमानन प्राधिकरणों व विदेश स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
एयर इंडिया ने दुबई से दिल्ली के लिए उड़ान संचालित कर 149 फंसे यात्रियों को वापस लाया। बहरीन में फंसे तेलंगाना, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के पर्यटकों ने भी सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद मांगी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से बातचीत की तथा बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के नेताओं से भी चर्चा की।
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