भारत-फ्रांस के बीच SCALP मिसाइलों की 300 मिलियन यूरो की बड़ी डील पर बातचीत तेज
भारत फ्रांस से SCALP और मेटियोर मिसाइलों की बड़ी खरीद की तैयारी में है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना की मुख्य ताकत बनाने की योजना है।
भारत और फ्रांस के बीच SCALP क्रूज मिसाइलों की खरीद को लेकर लगभग 300 मिलियन यूरो की बड़ी रक्षा डील को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया था।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारतीय वायुसेना फ्रांस से बड़ी संख्या में SCALP क्रूज मिसाइलें खरीदने की योजना बना रही है और इस संबंध में जल्द ही अंतिम फैसला लिया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन मिसाइलों को राफेल लड़ाकू विमानों से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ लॉन्च किया गया था। इनका उपयोग पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर जिलों में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मुख्यालयों पर सटीक हमले के लिए किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में सभी लक्ष्यों को पूरी सटीकता के साथ नष्ट कर दिया गया। 6-7 मई की रात किए गए हमलों के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान एयर फोर्स के ठिकानों पर भी बड़े पैमाने पर क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इस अभियान में 12 प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया गया, जहां कई लड़ाकू विमान और निगरानी विमान जमीन पर ही नष्ट कर दिए गए।
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SCALP मिसाइलें राफेल हथियार प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और भविष्य में भी भारतीय वायुसेना के राफेल बेड़े के साथ उपयोग में लाई जाएंगी। इसके अलावा वायुसेना राफेल विमानों की क्षमता बढ़ाने के लिए मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइलों का भी बड़ा ऑर्डर देने की तैयारी कर रही है।
भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों में भी मेटियोर मिसाइलें लगाई जाएंगी। आने वाले 10-15 वर्षों में राफेल विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने वाले हैं और उनकी संख्या करीब 200 तक पहुंच सकती है।
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