38वें रणनीतिक संवाद में भारत-फ्रांस ने दोहराई मजबूत साझेदारी, सुरक्षा और तकनीक सहयोग पर जोर
भारत-फ्रांस रणनीतिक संवाद में सुरक्षा, रक्षा और तकनीक सहयोग पर सहमति बनी। दोनों देशों ने वैश्विक शांति, स्थिरता और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
नई दिल्ली में आयोजित 38वें भारत-फ्रांस रणनीतिक संवाद के दौरान भारत और फ्रांस ने अपनी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस उच्चस्तरीय संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने की।
रणनीतिक संवाद के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और असैन्य परमाणु सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही द्विपक्षीय पहलों की व्यापक समीक्षा की। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना के अनुरूप संयुक्त विकास और सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जो दोनों देशों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा वातावरण में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय और सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि विश्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके।
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रणनीतिक संवाद के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अपने भारत दौरे के दौरान इमैनुएल बोन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट की। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने तथा साझा वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
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