वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भारत-जापान सहयोग अनिवार्य: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति हेतु भारत-जापान सहयोग अनिवार्य है। अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन निवेश लक्ष्य और “2035 विजन स्टेटमेंट” जारी करने का निर्णय हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भारत और जापान का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
टोक्यो में भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर्स से स्टार्टअप्स तक, भारत-जापान की साझेदारी हर क्षेत्र में आपसी विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।”
शुक्रवार (29 अगस्त 2025) को प्रधानमंत्री मोदी टोक्यो पहुंचे, जहाँ उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों समेत द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान पूर्व जापानी प्रधानमंत्रियों योशिहिदे सुगा और फुमियो किशिदा ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की।
मोदी और इशिबा की बैठक में दोनों देशों ने संयुक्त वक्तव्य और “2035 विजन स्टेटमेंट” जारी करने का निर्णय लिया, जिससे एक दशक पहले 2015 में घोषित 2025 विजन स्टेटमेंट को और उन्नत बनाया जाएगा। यह मुलाकात भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के 20 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। पहला वार्षिक सम्मेलन 2005 में हुआ था, जब जापानी प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी ने दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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