ईरान की स्थिति पर भारत की कड़ी नजर, MEA ने दी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
ईरान में आर्थिक संकट और प्रदर्शनों के बीच भारत हालात पर नजर रखे हुए है। MEA ने यात्रा सलाह जारी की और हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों के लिए कांसुलर सहायता मांगी है।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और बिगड़ती आर्थिक स्थिति के बीच भारत सरकार वहां के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कहा कि ईरान में हो रहे घटनाक्रमों को भारत गंभीरता से मॉनिटर कर रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने 5 जनवरी को एक एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की थी। साथ ही, ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने और उन इलाकों में यात्रा न करने की सलाह दी गई, जहां विरोध प्रदर्शन या जन आंदोलन चल रहे हैं।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, “हम ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। जैसा कि आप जानते हैं, हमने एक एडवाइजरी भी जारी की है। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग रहते हैं।”
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उन्होंने बताया कि ईरान में विरोध प्रदर्शन करीब दो सप्ताह पहले राजधानी तेहरान से शुरू हुए थे, जो धीरे-धीरे देश के कई प्रांतों में फैल गए। इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों के मारे जाने की भी खबरें हैं। विरोध की मुख्य वजह ईरानी मुद्रा रियाल की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट और लगातार खराब होती आर्थिक स्थिति बताई जा रही है।
रणधीर जयसवाल से दिसंबर में ईरानी अधिकारियों द्वारा एक टैंकर को जब्त किए जाने और उस पर सवार भारतीय क्रू मेंबर्स की कथित हिरासत को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारियों ने कुछ नियमों के उल्लंघन के आरोप में टैंकर को जब्त किया है।
उन्होंने बताया, “हमें जानकारी है कि लगभग 10 भारतीय नागरिक हिरासत में हैं। इस मामले में हमारा दूतावास ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और हमने कांसुलर एक्सेस मांगा है, ताकि उनकी स्थिति की जानकारी ली जा सके और आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।”