भारत ने कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं किया: रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी छूट पर केंद्र का बयान
केंद्र ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और इसके लिए किसी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है। अमेरिकी छूट के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है।
केंद्र सरकार ने शनिवार (7 मार्च 2026) को कहा कि भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा, भले ही अमेरिका ने मध्य पूर्व युद्ध के कारण रूस से तेल पर अस्थायी छूट दी हो। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को ऐसे खरीदारी के लिए किसी अन्य देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
केंद्र ने एक बयान में कहा, "भारत ने कभी भी किसी देश से रूस से तेल खरीदने के लिए अनुमति पर निर्भर नहीं किया।" सरकार ने यह भी पुष्टि की कि फरवरी 2026 तक भारत रूस से तेल का आयात कर रहा है और रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता है।
भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और स्थिर बताया, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तनाव बढ़ रहे हों। सरकार ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधित किया है, जिससे कई वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग सुनिश्चित हुए हैं।
केंद्र ने कहा "भारत हमेशा जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती मूल्य मिलते हैं, वहां से तेल खरीदेगा"।
अमेरिका ने शुक्रवार को रूस पर से अस्थायी प्रतिबंधों में ढील दी, ताकि समुद्र में लदे रूस के तेल को भारत को बेचा जा सके। केंद्र ने यह भी कहा कि भारत अब भी परिष्कृत उत्पादों का विश्वभर में निर्यातक है, जो उसकी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।
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