भारत-न्यूजीलैंड FTA का स्वागत, तिरुप्पुर निर्यातकों को बड़ी उम्मीद
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से तिरुप्पुर के निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे वस्त्र उद्योग को बढ़ावा और नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
तमिलनाडु के तिरुप्पुर एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का स्वागत किया है। यह समझौता भारतीय वस्त्र और निटवेयर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तिरुप्पुर जैसे प्रमुख निर्यात केंद्रों के लिए।
यह समझौता केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल के बीच हस्ताक्षरित हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत हुए हैं। इससे पहले भारत यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के साथ भी सफल एफटीए कर चुका है, जिससे निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा मिला है।
तिरुप्पुर, जिसे भारत का प्रमुख निटवेयर हब माना जाता है, इस समझौते से सबसे अधिक लाभान्वित होने की उम्मीद कर रहा है। एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अनुसार, न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए नए अवसर खुलेंगे और शुल्क में कमी से प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस एफटीए के जरिए भारतीय परिधान उद्योग को वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे न केवल निर्यात में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
तिरुप्पुर के उद्योगपतियों का कहना है कि यह समझौता उन्हें नई तकनीकों और बाजारों तक पहुंच दिलाएगा, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, यह कदम भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती देगा।
कुल मिलाकर, भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को भारतीय निर्यातकों के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
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