बढ़ती गर्मी के बीच बिजली मांग रिकॉर्ड स्तर के करीब, देश में 240 गीगावॉट तक पहुंची खपत
गर्मी बढ़ने के साथ भारत की बिजली मांग 240 गीगावॉट के करीब पहुंची। हीटवेव के कारण खपत और बढ़ने की आशंका है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है।
देश में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग में तेज उछाल देखा जा रहा है। देश की बिजली मांग लगभग 240 गीगावॉट तक पहुंच गई, जो इस गर्मी के मौसम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तापमान में तेज वृद्धि और कूलिंग उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण दर्ज की गई है।
ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल को देश में पीक पावर डिमांड 239.70 गीगावॉट तक पहुंच गई। यह इस सीजन की अब तक की सबसे बड़ी मांग है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जिससे बिजली की खपत में लगातार वृद्धि हो रही है।
अप्रैल के पहले पखवाड़े में बिजली मांग अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन महीने के मध्य से इसमें तेज वृद्धि दर्ज की गई। 16 अप्रैल को मांग 234.81 गीगावॉट थी, जो 17 अप्रैल को बढ़कर 238.94 गीगावॉट हो गई। इसके बाद भी मांग ऊंचे स्तर पर बनी रही और 20 अप्रैल को 237.43 गीगावॉट तक पहुंची।
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मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी तेज होगी, बिजली की खपत नए रिकॉर्ड बना सकती है। सरकार ने इस वर्ष के लिए अधिकतम मांग 270 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
पिछले वर्ष मई 2024 में देश की बिजली मांग लगभग 250 गीगावॉट तक पहुंची थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस बार भी स्थिति उसी दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है।
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