ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम जुलाई में तेहरान, क़ुम और मशहद में आयोजित होगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा करेंगे। ईरानी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता जुलाई 5 से 9 के बीच आयोजित होने वाले राजकीय अंतिम संस्कार में भारत सरकार की ओर से शामिल होंगे। हालांकि, इस संबंध में भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन नई दिल्ली की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं।
जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार समारोह ईरान के तेहरान, क़ुम और मशहद शहरों में आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 5, 6 और 7 जुलाई को होंगे, जबकि अंतिम समारोह 9 जुलाई को मशहद में संपन्न होगा। अनुमान है कि इस अवसर पर लाखों लोग शामिल हो सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 2 करोड़ शोकाकुल लोग विभिन्न शहरों में एकत्र हो सकते हैं, जिससे यह ईरान के इतिहास के सबसे बड़े अंतिम संस्कारों में से एक हो सकता है।
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गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को तेहरान पर हुए बड़े पैमाने पर अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के दौरान हुआ था। इसके बाद 8 मार्च को उनके उत्तराधिकारी के रूप में उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला।
हाल के हफ्तों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की दिशा में वार्ता भी शुरू हुई है। दोनों देशों ने डिजिटल समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और स्विट्जरलैंड में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा भी किया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा की।
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