नई विश्व व्यवस्था तय करने में भारत की अहम भूमिका, पश्चिमी प्रभुत्व का दौर खत्म: फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब
रायसीना डायलॉग में फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब ने कहा कि नई विश्व व्यवस्था तय करने में भारत की अहम भूमिका होगी और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व का दौर समाप्त हो रहा है।
फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब ने कहा कि नई विश्व व्यवस्था तय करने में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और दुनिया में पश्चिमी देशों के प्रभुत्व का दौर अब खत्म हो रहा है। उन्होंने यह बात गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 में मुख्य वक्तव्य देते हुए कही।
इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च 2026 को नई दिल्ली में किया, जिसमें राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उद्घाटन भाषण दिया।
अलेक्ज़ेंडर स्टब ने कहा कि आज दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है और ऐसे समय में वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के देश आने वाली विश्व व्यवस्था को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे और भारत इस बदलाव का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन पहले ही बदलना शुरू हो चुका है। उनके अनुसार ग्लोबल साउथ के पास आर्थिक ताकत और बड़ी आबादी का लाभ है। स्टब ने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाली विश्व व्यवस्था का दौर समाप्त हो चुका है, हालांकि पश्चिमी देशों को इस वास्तविकता को स्वीकार करने में कुछ समय लग सकता है।
राष्ट्रपति स्टब ने भारत की विदेश नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाता रहा है। भारत ने कभी भी किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने की नीति नहीं अपनाई, जो मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में एक समझदारी भरा कदम है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत की रचनात्मक भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि विकासशील देशों को वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।
स्टब ने कहा कि दुनिया को अब “न्यू दिल्ली मोमेंट” की जरूरत है, जहां विश्व नेता एक साथ बैठकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में व्यापक सुधार पर विचार करें।
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