×
 
☰

जेडी वेंस की एच-1B वीजा टिप्पणी पर भारत का कड़ा विरोध, कहा- अनुचित और बेहद अपमानजनक

भारत ने जेडी वेंस की भारतीय कर्मचारियों पर टिप्पणी को अपमानजनक बताया और कहा कि भारतीय पेशेवर अमेरिकी अर्थव्यवस्था, नवाचार, अनुसंधान तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

भारत ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भारतीय प्रवासी कर्मचारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणी को ‘अनुचित और बेहद अपमानजनक’ बताते हुए कहा कि अमेरिका का इतिहास भी उन पीढ़ियों के प्रवासियों के योगदान से बना है, जिनकी मेहनत, उद्यमशीलता और नवाचार ने देश की तरक्की और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत की यह प्रतिक्रिया अमेरिका द्वारा आठ भारतीय आईटी कंपनियों से जुड़ी पीईआरएम आवेदनों की प्रक्रिया निलंबित किए जाने के मुद्दे पर आई है। इस कदम से प्रभावित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों की स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पीईआरएम प्रक्रिया और एच-1B वीजा कार्यक्रम अलग-अलग हैं। पीईआरएम आवेदनों का निलंबन अपने आप मौजूदा एच-1B वीजा की वैधता या वीजा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति को प्रभावित नहीं करता। हालांकि, प्रभावित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों की स्थायी निवास प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है।

और पढ़ें: अमेरिका में H-1B पर बड़ी कार्रवाई, इंफोसिस-TCS समेत 8 आईटी कंपनियां ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से निलंबित

भारतीय पेशेवरों के योगदान पर जोर

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पेशेवर अमेरिका की अर्थव्यवस्था और नवाचार व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वे उच्च शिक्षित और कुशल हैं तथा अनुसंधान, उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में भूमिका निभाते हैं।

मंत्रालय के अनुसार, प्रतिभाओं की आवाजाही से भारत और अमेरिका दोनों को लाभ होता है। इससे भारतीयों को अवसर मिलते हैं और अमेरिकी कंपनियों को कुशल कर्मचारी, नई तकनीक तथा अनुसंधान क्षमता हासिल होती है। इससे कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता और शेयरधारकों की संपत्ति में भी वृद्धि हो सकती है।

भारत ने कहा कि यह दोनों देशों के लिए पारस्परिक लाभ का क्षेत्र है। अमेरिका द्वारा घोषित कदम दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मददगार नहीं हैं।

‘इंडेंचर्ड सर्वेंट्स’ टिप्पणी पर आपत्ति

जेडी वेंस की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय कर्मचारियों को ‘इंडेंचर्ड सर्वेंट्स’ यानी अनुबंधित बंधुआ मजदूरों जैसा बताना अनुचित है। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की भाषा औपनिवेशिक इतिहास की पीड़ादायक यादें ताजा करती है और बेहद अपमानजनक है।

भारत ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के हितधारक भारतीय पेशेवरों के योगदान और प्रतिभाओं की आवाजाही से होने वाले साझा लाभ को समझेंगे।

और पढ़ें: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का मणिपुर दौरा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की मुलाकात; भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share